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    परिकल्पना एवं उद्देश्य

    केन्द्रीय विद्यालय बूंदी प्रत्येक विद्यार्थी के बौद्धिक, भावनात्मक, सामाजिक, रचनात्मक एवं शारीरिक विकास को पोषित करने वाले आनंदमय, समावेशी, नवाचारी एवं बाल-केंद्रित शिक्षण वातावरण के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालय विद्यार्थियों को आवश्यक ज्ञान, कौशल, मूल्यों एवं आत्मविश्वास से सुसज्जित करने का प्रयास करता है, ताकि वे जिम्मेदार, संवेदनशील एवं आजीवन सीखने वाले नागरिक बन सकें।

    हमारे उद्देश्य

    1. आनंदमय एवं अनुभवात्मक अधिगम:
    विद्यार्थियों को ऐसे आनंददायक एवं सार्थक शिक्षण अनुभव प्रदान करना, जो उन्हें अवलोकन, अन्वेषण, प्रयोग तथा वास्तविक जीवन के अनुभवों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करें।

    2. नवाचार एवं करके सीखना:
    ऐसे वातावरण का निर्माण करना जो रचनात्मकता, जिज्ञासा, आलोचनात्मक चिंतन एवं नवाचार को बढ़ावा दे तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं गतिविधि-आधारित अनुभवों के माध्यम से सीखने के अवसर प्रदान करे।

    3. परियोजना एवं गतिविधि-आधारित अधिगम:
    परियोजनाओं एवं गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोगात्मक रूप से कार्य करने, अपने ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में लागू करने, समस्या-समाधान कौशल विकसित करने तथा अपने अधिगम की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करना।

    4. जिज्ञासा एवं खोज-आधारित अधिगम:
    विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, खोज करने, सूचनाओं का विश्लेषण करने तथा तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचने की प्रवृत्ति विकसित करना। विद्यालय ऐसे स्वतंत्र चिंतकों को विकसित करने का प्रयास करता है, जो जिज्ञासु एवं ज्ञान की खोज के लिए सदैव प्रेरित रहें।

    5. खिलौना एवं खेल-आधारित अधिगम:
    उपयुक्त खिलौनों, खेलों एवं संवादात्मक शिक्षण संसाधनों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सम्मिलित करना, ताकि कठिन एवं अमूर्त अवधारणाएँ सरल, रोचक एवं आनंददायक बन सकें तथा विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति एवं बौद्धिक क्षमताओं का विकास हो।

    6. समग्र विकास:
    शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रम, खेल, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के अवसर प्रदान करना, जिससे वे आत्मविश्वासी, संतुलित एवं जिम्मेदार व्यक्तित्व के रूप में विकसित हों।

    7. 21वीं सदी के कौशलों का विकास:
    संप्रेषण, सहयोग, रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, डिजिटल साक्षरता एवं समस्या-समाधान जैसे कौशलों का विकास करना, ताकि विद्यार्थी तेजी से बदलती दुनिया की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

    8. मूल्य एवं जिम्मेदार नागरिकता:
    सहानुभूति, ईमानदारी, सम्मान, अनुशासन, पर्यावरण के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को विद्यार्थियों में विकसित करना, ताकि वे समाज एवं राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकें।

    केन्द्रीय विद्यालय बूंदी प्रत्येक कक्षा को जिज्ञासा, रचनात्मकता, सहयोग एवं खोज का ऐसा मंच बनाने का प्रयास करता है, जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने, अन्वेषण करने, नवाचार करने एवं उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है।